Shiva Lingas in Cambodia

Thousands of Lingas and other Vedic deities carved into the river-bed of the Kbal Spean river in Cambodia.
कम्बोडिया की क्बाल स्पिएन नदी के तल में प्राचीन काल में उकेरे गये सैकड़ों शिवलिङ्ग तथा वैदिक देवी-देवताओं की प्रतिमायें॥

The “Indianizers” of Kambuja Desha (modern day Cambodia). Thousands of years ago these men were among the intrepid pioneers who took India’s culture to far away lands. We need to remember their names and be inspired by the great work they did, so that we can reawaken this spirit in our younger generation. These were the great souls who inspired the Vedic culture in ancient Cambodia, which eventually led to the construction of the largest Hindu temple complex in the world: The Angkor Vat temple which was dedicated to Lord Vishnu. This is also the largest religious structure in the world. Remnants of a glorious Hindu past, such as great temples dedicated to Lord Shiva and river-beds in which thousands of Shiva Lingas have been carved, are found all around Cambodia even today.
ये कुछ उन श्रेष्ठ भारतीय महामना धर्मप्रचारकों के नाम की सूची है, जिन्हें शायद हम आज भारत में भूल चुके हैं, लेकिन जिन्होंने प्राचीन काल में सैकड़ों मील दूर की यात्रा करके कम्बुज देश (आधुनिक कम्बोडिया) में वैदिक सनातन धर्म की स्थापना की थी, जिसके परिणाम स्वरूप आज भी हमें कम्बोडिया में जो वैदिक सनातन धर्म से जुड़े ध्वंसावशेष उपलब्ध होते हैं,वे वास्तव में आश्चर्य जनक हैं। कम्बोडिया का ९०० वर्ष प्राचीन विष्णु मन्दिर ‘अंकोर वट’ विश्व का सबसे विशाल हिन्दू मन्दिर ही नहीं, विश्व का सबसे विशाल धार्मिक स्थान है; अन्य कोई भी धर्म इससे विशाल धर्मस्थान न बना पाया। इसके साथ ही भगवान् सदा शिव आदि भारतीय विभिन्न देवी-देवताओं को समर्पित अनेकों विशाल मन्दिरों के ध्वंसावशेष आज भी कम्बोडिया में खड़े हैं। सबसे आश्चर्यजनक मुझे लगी क्बाल स्पिएन नदी, जिसके तल में पत्थरों पर हजारों शिवलिङ्ग तथा अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां प्राचीन काल में उकेरी गयी थीं। एक बार ध्यान दें इन महामना मनीषियों के नामों की ओर, शायद इनका शुभ संस्मरण ही हमारे अन्दर उस सोई हुई वैदिक आत्मा को जागृत कर दे, जिसके कारण ये मनीषी सैकड़ों मीलों की यात्रा करके इस वैदिक ज्योति के महान् ज्योतिवाहक बने॥

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