विश्व हिन्दू परिषद के प्रथम अध्यक्ष जयचामराज वाडियार

HINDUISM AND SANATAN DHARMA

विश्व हिन्दू परिषद के प्रथम अध्यक्ष जयचामराज वाडियार जी

Jaichamraj Vadiar

विश्व भर के हिन्दुओं को संगठित करने के लिये श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (29 अगस्त, 1964) को स्वामी चिन्मयानंद जी की अध्यक्षता में, उनके मुंबई स्थित सांदीपनी आश्रम में विश्व हिन्दू परिषद की स्थापना हुई.

इस अवसर पर धार्मिक, और सामाजिक क्षेत्र की अनेक महान विभूतियां उपस्थित थीं. स्थापना के समय महामंत्री का दायित्व संघ के वरिष्ठ प्रचारक शिवराम शंकर (दादासाहब) आप्टे जी ने संभाला, वहां अध्यक्ष के लिये सबने सर्वसम्मति से मैसूर राज्य के पूर्व और अंतिम महाराज जयचामराज वाडियार जी का नाम स्वीकृत किया.

जयचामराज वाडियार जी का जन्म 18 जुलाई, 1919 को मैसूर (वर्तमान कर्नाटक) के राजपरिवार में हुआ था. वे युवराज कान्तिराव नरसिंहराजा वाडियार और युवरानी केम्पु चेलुवाजा अम्मानी के एकमात्र पुत्र थे. वर्ष 1938 में उन्होंने मैसूर विवि से प्रथम श्रेणी में भी सर्वप्रथम रहकर, पांच स्वर्ण पदकों सहित स्नातक की उपाधि ली. फिर उन्होंने शासन-प्रशासन का व्यावहारिक…

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Author: Sanatan Dharm and Hinduism

My job is to remind people of their roots. There is no black,white any religion in spiritual science. It is ohm tat sat.

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